(N/A) $1$. नाभिक की बंधन ऊर्जा $(BE)$: नाभिक की बंधन ऊर्जा वह ऊर्जा है जो नाभिक के न्यूक्लियॉन (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन) को एक-दूसरे से अनंत दूरी तक अलग करने के लिए आवश्यक होती है। यह द्रव्यमान क्षति $(\Delta m)$ और प्रकाश की गति के वर्ग $(c^2)$ के गुणनफल के बराबर होती है।
सूत्र: $BE = \Delta m \times c^2 = [Z m_p + (A - Z) m_n - M_{nucleus}] c^2$, जहाँ $Z$ परमाणु क्रमांक है, $A$ द्रव्यमान संख्या है, $m_p$ प्रोटॉन का द्रव्यमान है, $m_n$ न्यूट्रॉन का द्रव्यमान है और $M_{nucleus}$ नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान है।
$2$. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा $(BE/A)$: यह नाभिक से एक न्यूक्लियॉन को हटाने के लिए आवश्यक औसत ऊर्जा है। इसकी गणना नाभिक की कुल बंधन ऊर्जा को कुल न्यूक्लियॉन की संख्या (द्रव्यमान संख्या $A$) से विभाजित करके की जाती है।
सूत्र: $BE/A = \frac{BE}{A}$.